आज मैंने किसी को कहते सुना के "आज के ज़माने में प्यार तो वेले लोग करते हैं"
मैं सोचने पे मजबूर हूँ कि "क्या सच में ऐसा ही है??"
अगर हाँ! तो आज भी क्यूँ..
क्यूँ किसी किताब में हमने वो गुलाब छुपा रखा है, वो ख़त कही किसी संदूक में छुपे हैं जो, किसी की दी हुई वो चीज़ें किसी बैग में छुपा रखी हैं हमने!
किसी के दूर जाने पर हम रो पड़ते हैं, हमारी धड़कने तेज हो जाती है
जब कोई छू लेता है, एक अलग सी मुस्कान आती है!
उसके एक फोन या मैसेज आने पर, मिलने के लिए आज हम कही दूर का सफर ते कर लेते हैं,
ये रास्ते क्यूँ हमें लंबे नहीं लगते...
उसकी एक झलक पाने को हम ऑफिस से थोड़ा जल्दी निकल आते हैं,
कभी कभी बाहर डिनर या वॉक पर चले जाते हैं,
क्यूँ ये नए पुराने गाने किसी की याद दिला जाते हैं,
ये बारिश के मौसम में बस उसके साथ चाय पीने को मन करता है,
गर्मी में आइसक्रीम और सर्दी की धूप बस उसके साथ बिताने को मन करता है,
छोटी छोटी बातों पर सताना, कभी अचानक कोई तोफा ही ले आना,
और मालूम है कि वो सुरक्षित है फिर भी रोज़ फ़ोन करके पूछते हैं घर आ गई? कैसा रहा दिन? जानते हैं जवाब क्या होगा पर फिर भी...
पर फिर भी और ना जाने क्या क्या कर जाते हैं..
आज भी! हाँ आज भी..
माना यह वक़्त थोड़ा बदल गया है..
टेक्नोलॉजी का ज़माना आ गया है,
थोड़ा सा एडवांस हो गया है,
बहुत ना ही सही पर कुछ वक़्त, कुछ लम्हें साथ मिलकर बिताते हैं,
लोग खुल कर प्यार का इजहार कर देते हैं
लड़का हो या लड़की जीने मरने की कसम खा लेते हैं
पर इसका मतलब ये तो नहीं के...प्यार मजाक हो गया है..
नापाक हो गया है..
बल्कि मैं तो इस बात से बहुत खुश हूं के किसी को तो प्यार मिला,
इतनी हिम्मत मिली दुनिया के सामने अपने प्यार को अपनाने की,
साथ चलने की, रिश्ते निभाने की,
टाईम पास ना समझने की, भावनाओं को ठेस ना पहुँचाने की समझ आई!
अब ऐसे लोग वेले है..
तो हाँ प्यार सिर्फ वेले लोग करते है|😇


